उमाशंकर मौर्य (संवाददाता)
चकिया (चन्दौली) समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला महासचिव मुश्ताक अहमद खान ने चकिया क्षेत्र के डुही सुही गांव स्थित बाबा साहेब डा. भीम राव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माता, संविधान शिल्पी, ज्ञान के प्रतीक, नारियों के मुक्ति दाता, महान अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, कानूनविद, एवं आधुनिक भारत के निर्माता, बोधिसत्व, भारत रत्न डॉक्टर_भीमराव_अंबेडकर जी की 129 वीं जयंती पर कोटी कोटी नमन।
आज़ादी के बाद जब भारत को अपना संविधान बनाने का मौक़ा मिला तो उसकी मुख्य ज़िम्मेदारी बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को मिली l
इसलिये इस गैरबराबरी वाले समाज में समानता लाने के लिए डॉक्टर भीम राव आंबेडकर साहब ने न्याय के सिद्धांत पर दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत संविधान बनाया जो हर धर्म, जाति, भाषा, लिंग और संस्कृति को एक समान मानता है।
जब यह समाज महिलाओं को घर की चहारदीवारी से निकलने की इजाज़त नहीं देता था, उन्हें पढ़ने से रोकता था तो उस समय आंबेडकर साहब ने महिलाओं के लिये भारतीय संविधान में संवैधानिक अधिकारो का प्रावधान कर और उनकी मुक्ति की नींव रखी ।
आज 14 अप्रैल को आधुनिक भारत की नींव रखने वाले बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती है। इस अवसर पर हम सभी भारतवाशी को बाबा साहेब
डा. भीम राव अम्बेडकर जी के बताए हुए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
चकिया (चन्दौली) समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिला महासचिव मुश्ताक अहमद खान ने चकिया क्षेत्र के डुही सुही गांव स्थित बाबा साहेब डा. भीम राव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माता, संविधान शिल्पी, ज्ञान के प्रतीक, नारियों के मुक्ति दाता, महान अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, कानूनविद, एवं आधुनिक भारत के निर्माता, बोधिसत्व, भारत रत्न डॉक्टर_भीमराव_अंबेडकर जी की 129 वीं जयंती पर कोटी कोटी नमन।
आज़ादी के बाद जब भारत को अपना संविधान बनाने का मौक़ा मिला तो उसकी मुख्य ज़िम्मेदारी बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को मिली l
इसलिये इस गैरबराबरी वाले समाज में समानता लाने के लिए डॉक्टर भीम राव आंबेडकर साहब ने न्याय के सिद्धांत पर दुनिया का सबसे ख़ूबसूरत संविधान बनाया जो हर धर्म, जाति, भाषा, लिंग और संस्कृति को एक समान मानता है।
जब यह समाज महिलाओं को घर की चहारदीवारी से निकलने की इजाज़त नहीं देता था, उन्हें पढ़ने से रोकता था तो उस समय आंबेडकर साहब ने महिलाओं के लिये भारतीय संविधान में संवैधानिक अधिकारो का प्रावधान कर और उनकी मुक्ति की नींव रखी ।
आज 14 अप्रैल को आधुनिक भारत की नींव रखने वाले बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती है। इस अवसर पर हम सभी भारतवाशी को बाबा साहेब
डा. भीम राव अम्बेडकर जी के बताए हुए रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

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