सत्येंद्र कुमार/जय प्रकाश (संवाददाता)
चन्दौली| पूरा विश्व कोरोना रूपी महामारी का दंश झेल रहा है वहीं जनपद चन्दौली के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के पद पर 10000 रुपये प्रति महीने के मानदेय पर कार्यरत हैं जिसमें सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत कुल 1227 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
विदित हो कि जनपद चन्दौली में
वित्तीत वर्ष 2019-2020 के समय जब लखनऊ परियोजना कार्यालय में बजट बन रही थी तब जनपद चन्दौली के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन डी.सी. द्वारा घोर लापरवाही करते मनमाने ढंग से 1227 के सापेक्ष केवल 1095 शिक्षा मित्रों के ही बजट की मांग गयी जिसका नतीजा यह हुआ कि शासन द्वारा उसी संख्या के सापेक्ष धन स्वीकृत हो गया।इसका खुलासा तब हुआ जब अप्रैल 2019 का मानदेय जिले पर आया जब शिक्षा मित्रों को इस बात का पता चला कि हमारा 1227 के सापेक्ष केवल 1095 का ही धन आया है तो शिक्षा मित्र हल्ला गुल्ला मचाना शुरू कर दिए तब तब विभागीय कर्मचारियों ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।फिर शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिले और इस गम्भीर समस्या से उन्हें अवगत कराये तो वो भी अवाक रह गए और हर सम्भव कोशिश करके इस कार्यालयी त्रुटि को सुधरवाने का आश्वासन दिए।इस संख्या सुधार के लिए जनपद स्तरीय, मण्डल स्तरीय और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी गण लखनऊ स्थित राज्य परियोजना निदेशक से मुलाकात की जिसमें संख्या सुधार जैसी गम्भीर समस्या और मार्च 2018 का मानदेय नहीं प्राप्त होने जैसी गम्भीर समस्या से अवगत कराया और और लिखित पत्रक भी सौंपा इस गम्भीर समस्या पर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा आश्वासन दिया गया कि अगले माह के बजट में हम यह संख्या सुधार कर 1227 शिक्षा मित्रों का बजट जारी करेंगे और मार्च 2018 का बकाया मानदेय की अवशेष धनराशि भी जारी कर देंगे जिसके आलोक में शासन द्वारा कई चक्रों में विभागीय जांच कराई गई लेकिन आज तक वह संख्या नहीं सुधरी और न ही मार्च 2018 का मानदेय की अवशेष धनराशि प्राप्त हुई जिससे मार्च 2018 का मानदेय भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। कार्यालय के बाबुओं की इस गलती को आज तक जनपद चन्दौली का शिक्षा मित्र भुगत रहा है जिसका नतीजा यह है कि जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्रों को एक माह पीछे का ही भुगतान सम्भव हो पाता है।
लगता है कि इस गम्भीर समस्या की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं है।इसलिए जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्र इस गम्भीर समस्या की ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने का अनुरोध किए हैं|
इस समस्या पर जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्र संगठन का कहना है कि इस समय महामारी चल रही है देश संकट से गुजर रहा है जिससे पूरे देश मे लॉक डाउन लगा हुआ है लेकिन जैसे ही लॉक डाउन खत्म होगा हम लोग अपने मेहनत की कमाई के लिए जनपद मुख्यालय पर आंदोलन करेंगे और जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
चन्दौली| पूरा विश्व कोरोना रूपी महामारी का दंश झेल रहा है वहीं जनपद चन्दौली के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के पद पर 10000 रुपये प्रति महीने के मानदेय पर कार्यरत हैं जिसमें सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत कुल 1227 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं।
विदित हो कि जनपद चन्दौली में
वित्तीत वर्ष 2019-2020 के समय जब लखनऊ परियोजना कार्यालय में बजट बन रही थी तब जनपद चन्दौली के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के तत्कालीन डी.सी. द्वारा घोर लापरवाही करते मनमाने ढंग से 1227 के सापेक्ष केवल 1095 शिक्षा मित्रों के ही बजट की मांग गयी जिसका नतीजा यह हुआ कि शासन द्वारा उसी संख्या के सापेक्ष धन स्वीकृत हो गया।इसका खुलासा तब हुआ जब अप्रैल 2019 का मानदेय जिले पर आया जब शिक्षा मित्रों को इस बात का पता चला कि हमारा 1227 के सापेक्ष केवल 1095 का ही धन आया है तो शिक्षा मित्र हल्ला गुल्ला मचाना शुरू कर दिए तब तब विभागीय कर्मचारियों ने अपनी लापरवाही को छुपाने के लिए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।फिर शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिले और इस गम्भीर समस्या से उन्हें अवगत कराये तो वो भी अवाक रह गए और हर सम्भव कोशिश करके इस कार्यालयी त्रुटि को सुधरवाने का आश्वासन दिए।इस संख्या सुधार के लिए जनपद स्तरीय, मण्डल स्तरीय और प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी गण लखनऊ स्थित राज्य परियोजना निदेशक से मुलाकात की जिसमें संख्या सुधार जैसी गम्भीर समस्या और मार्च 2018 का मानदेय नहीं प्राप्त होने जैसी गम्भीर समस्या से अवगत कराया और और लिखित पत्रक भी सौंपा इस गम्भीर समस्या पर राज्य परियोजना निदेशक द्वारा आश्वासन दिया गया कि अगले माह के बजट में हम यह संख्या सुधार कर 1227 शिक्षा मित्रों का बजट जारी करेंगे और मार्च 2018 का बकाया मानदेय की अवशेष धनराशि भी जारी कर देंगे जिसके आलोक में शासन द्वारा कई चक्रों में विभागीय जांच कराई गई लेकिन आज तक वह संख्या नहीं सुधरी और न ही मार्च 2018 का मानदेय की अवशेष धनराशि प्राप्त हुई जिससे मार्च 2018 का मानदेय भुगतान अब तक नहीं हो पाया है। कार्यालय के बाबुओं की इस गलती को आज तक जनपद चन्दौली का शिक्षा मित्र भुगत रहा है जिसका नतीजा यह है कि जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्रों को एक माह पीछे का ही भुगतान सम्भव हो पाता है।
लगता है कि इस गम्भीर समस्या की ओर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान नहीं है।इसलिए जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्र इस गम्भीर समस्या की ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने का अनुरोध किए हैं|
इस समस्या पर जनपद चन्दौली के शिक्षा मित्र संगठन का कहना है कि इस समय महामारी चल रही है देश संकट से गुजर रहा है जिससे पूरे देश मे लॉक डाउन लगा हुआ है लेकिन जैसे ही लॉक डाउन खत्म होगा हम लोग अपने मेहनत की कमाई के लिए जनपद मुख्यालय पर आंदोलन करेंगे और जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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