लोकपति सिंह (जिला संवाददाता)
सैदूपुर / चकिया । क्षेत्र के घुरहुपुर मे मना बौद्ध महोत्सव। बुद्ध का धर्म मानवता का संदेश देती है।भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने वाला सब दुखों से दूर होकर अलौकिक आनंद को प्राप्त करता है। मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा।
मुख्य अतिथि सांसद पकौड़ी कोल ने घूरहूपुर बौद्ध महोत्सव के दौरान बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बुध्द ने पूरे विश्व में शांति का संदेश दिया। फिर भी आज पूरे दुनिया में अशांति फैली हुई है। चारों तरफ आतंकवाद का बोलबाला है। ऐसे समय में बुद्ध के विचारों को अपनाकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।
श्रीलंका से पधारे धर्म गुरु भंते अशोक वंश ने कहा कि साधना से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। ज्ञानी संयम रखता है। दुःख और सुख खाज और खुजली के समान है। सुख की कामना और दुःख का संयम छोड़ना ही साधना का मार्ग है। भगवान बुद्ध ने संसार में दुख को देखकर सुख की चेष्ठा छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया। और अपने साधना के बल पर ज्ञान की प्राप्ति की। आज मनुष्य अगर उनके अष्टांगिक मार्ग को अपना ले तो समाज में लूट हत्या का विचार, झूठ, व्यर्थ, कठोर वचन समाप्त हो जाएगा। और जीवन शांति मय हो जाएगा।
विशिष्ट अतिथि विद्यायक प्रतिनिधि अश्वनी दुबे ने कहा कि भगवान बुद्ध की स्थली को उजागर करने में वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभायी। आज वह भले ही दुनिया में नहीं है। लेकिन उनकी स्मृतियां घुरहूपुर बौद्ध स्थल के पटल पर सदैव जीवंत रहेंगी।
इसके पूर्व उपस्थित जनों ने भगवान बुद्ध के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस दौरान डॉक्टर सरिता मौर्य ने संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया । इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि अश्वनी दुबे प्रमुख प्रतिनिधि अनुग्रह नारायण सिंह रजनीश मौर्य सोहन सिंह चौहान, डॉक्टर सरिता मौर्य, रमाशंकर राय ,महेंद्र राजभर, मुन्ना राजभर ,चंदन राय ,ओम प्रकाश, शिव शंकर मौर्य, कमलेश मौर्य मोहन चौहान रहे। कार्यक्रम का संचालन वशिष्ठ मौर्य ने किया
सैदूपुर / चकिया । क्षेत्र के घुरहुपुर मे मना बौद्ध महोत्सव। बुद्ध का धर्म मानवता का संदेश देती है।भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलने वाला सब दुखों से दूर होकर अलौकिक आनंद को प्राप्त करता है। मानवता को बनाए रखने के लिए बुद्ध के सिद्धांतों को अपनाना होगा।
मुख्य अतिथि सांसद पकौड़ी कोल ने घूरहूपुर बौद्ध महोत्सव के दौरान बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि बुध्द ने पूरे विश्व में शांति का संदेश दिया। फिर भी आज पूरे दुनिया में अशांति फैली हुई है। चारों तरफ आतंकवाद का बोलबाला है। ऐसे समय में बुद्ध के विचारों को अपनाकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है।
श्रीलंका से पधारे धर्म गुरु भंते अशोक वंश ने कहा कि साधना से मुक्ति का मार्ग प्राप्त होता है। ज्ञानी संयम रखता है। दुःख और सुख खाज और खुजली के समान है। सुख की कामना और दुःख का संयम छोड़ना ही साधना का मार्ग है। भगवान बुद्ध ने संसार में दुख को देखकर सुख की चेष्ठा छोड़कर साधना का मार्ग अपनाया। और अपने साधना के बल पर ज्ञान की प्राप्ति की। आज मनुष्य अगर उनके अष्टांगिक मार्ग को अपना ले तो समाज में लूट हत्या का विचार, झूठ, व्यर्थ, कठोर वचन समाप्त हो जाएगा। और जीवन शांति मय हो जाएगा।
विशिष्ट अतिथि विद्यायक प्रतिनिधि अश्वनी दुबे ने कहा कि भगवान बुद्ध की स्थली को उजागर करने में वरिष्ठ पत्रकार सुशील त्रिपाठी ने अहम भूमिका निभायी। आज वह भले ही दुनिया में नहीं है। लेकिन उनकी स्मृतियां घुरहूपुर बौद्ध स्थल के पटल पर सदैव जीवंत रहेंगी।
इसके पूर्व उपस्थित जनों ने भगवान बुद्ध के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।इस दौरान डॉक्टर सरिता मौर्य ने संस्था द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया । इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि अश्वनी दुबे प्रमुख प्रतिनिधि अनुग्रह नारायण सिंह रजनीश मौर्य सोहन सिंह चौहान, डॉक्टर सरिता मौर्य, रमाशंकर राय ,महेंद्र राजभर, मुन्ना राजभर ,चंदन राय ,ओम प्रकाश, शिव शंकर मौर्य, कमलेश मौर्य मोहन चौहान रहे। कार्यक्रम का संचालन वशिष्ठ मौर्य ने किया

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