लोकपति सिंह (जिला संवाददाता)
सैदूपुर। लोक पर्व का महा त्यौहार छठ पूजा की धूम मची हुई हैं।चारों तरफ छठी मईया के गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। व्रती महिलाएं नदी, तालाब,सरोवर के किनारे बनाये गये घाटों पर पहुचने लगी। पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अपने परिजनों के दिया।वही व्रती महिलाओं के परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।क्षेत्र के खखड़ा, रोहाखी,बरियारपुर, इलिया, बरांव,कलानी,माल्दह,बेन,तियरी,सैदूपुर , बसाढ़ी,शाहपुर,गांधीनगर,ढोढ़नपुर,छित्तमपुर के गांवों के घाटों पर पहुंचे।महापर्व पर तीसरे दिन भर लोग तैयारी में जूटे रहे। तत्पश्चात शाम 3बजे के बाद गाजे-बाजे से घाटों पर पहुंचने लगी इस दौरान ब्रती महिलाओं के कारण स्थल पर अलौकिक छटा बिखरी पड़ी थी।महिलाओं ने पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपने घर को चली गई।
सैदूपुर। लोक पर्व का महा त्यौहार छठ पूजा की धूम मची हुई हैं।चारों तरफ छठी मईया के गीतों की गूंज सुनाई दे रही थी। व्रती महिलाएं नदी, तालाब,सरोवर के किनारे बनाये गये घाटों पर पहुचने लगी। पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अपने परिजनों के दिया।वही व्रती महिलाओं के परिजनों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।क्षेत्र के खखड़ा, रोहाखी,बरियारपुर, इलिया, बरांव,कलानी,माल्दह,बेन,तियरी,सैदूपुर , बसाढ़ी,शाहपुर,गांधीनगर,ढोढ़नपुर,छित्तमपुर के गांवों के घाटों पर पहुंचे।महापर्व पर तीसरे दिन भर लोग तैयारी में जूटे रहे। तत्पश्चात शाम 3बजे के बाद गाजे-बाजे से घाटों पर पहुंचने लगी इस दौरान ब्रती महिलाओं के कारण स्थल पर अलौकिक छटा बिखरी पड़ी थी।महिलाओं ने पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर अपने घर को चली गई।

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