प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के लाख प्रयासों के बावजूद उनके द्वारा स्मार्ट सिटी के वादे केवल अख़बार के पन्नों में दबकर रह गए हैं, बिजली आपूर्ति सही से हो सके इसके लिए विद्युत विभाग भी सरकारी की जगह प्राइवेट कंपनियों को सौंप दिया गया, प्रत्येक घरों में मीटर लगवा दिए गए और बिजली बिल का भुगतान भी होने लगा, लेकिन अभी भी विद्युत आपूर्ति केवल नाममात्र ही है ।अगर कोई ट्रांसफार्मर जल जाता है तो जबतक पैरों की चप्पलें ना घिस जाए तब तक ग्रामीण विद्युत विभाग के चक्कर लगाते फिरते हैं कि साहब ट्रांसफार्मर बदल दीजिए, लेकिन जब साहब की तनख्वाह हर महीने नियत तिथि को प्राप्त हो ही जाती है तो फालतू के मामलों में अपना सिर क्यों खपाएं।
पूरा मामला चकिया कोतवाली के भीषमपुर गांव का है जहां 100 केवीए का ट्रांसफार्मर शुक्रवार की रात तेल रिसने के कारण धु धु कर जल गया ट्रांसफार्मर जलने से ग्रामवासियों को व्यापक परेशानी झेलनी पड़ रही है इस उमस भरी गर्मी में लोग परेसान है, बरसात के सीजन के कारण रात को जहरीले जानवर भी विचरण करते हैं जो कि किसी के प्राण लेने में जरा भी संकोच न करें। लेकिन विद्युत कर्मचारियों को इस बात से जरा सा भी फर्क नहीं पड़ता क्युकी मरने वाला उनका हितैषी थोड़े ही है।
क़स्बा के उदय गुप्ता ने बताया कि 4 साल पुराना ट्रांसफार्मर जलने से लोगो को बहुत परेशानी हो रही है मोबाईल फोन डिस्चार्ज है
अविलम्भ 100 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाने की गुहार चन्दौली जिला प्रशासन से गांव वालों ने लगाई है।
प्रकरण का निस्तारण ना होने पर विवश होकर ग्राम निवासी धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबुर हो जाएंगे।
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