लोकपति सिंह (जिला संवाददाता)
सैदूपुर से ढोढ़नपुर मार्ग पर उसरी मोड़ के पास से लगभग 400 मीटर की दूरी तक कीचड़ और गंदगी के चलते लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। वहीं सड़क क्षतिग्रस्त होने से आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। साथ ही गंदगी के चलते लोगों का रोजगार चौपट हो रहा है। तथा संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा भी गहराता जा रहा है। कभी शहाबगंज विकासखंड का वनांचल क्षेत्र नक्सली क्षेत्र के नाम से मशहूर रहा। जहां के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आवागमन की सुविधा सुलभ करने के लिए सैदूपुर से छीतमपुर तक पक्की सड़क का निर्माण एक दशक पूर्व कराया गया। सड़क निर्माण होने से जंगल और पहाड़ों के मध्य रहने वाले लोग को सैदूपुर बाजार तक आवागमन की सुविधा सुलभ हुई। स्थिति है कि कभी सुनसान रहा यह मार्ग सुबह से देर शाम तक व्यस्त रहता है। यहां सैकड़ों वाहन इसी मार्ग से आए दिन फर्राटा भरते हैं। जबकि सैदूपुर कस्बा में उसरी मोड़ से गुजरने वाले इस मार्ग पर नाली का निर्माण न होने से सड़क पर पानी भरा रहने से मार्ग कीचड़ के चलते गड्ढे में तब्दील हो गया है। जिसमें गिरकर दो पहिया वाहन तथा पैदल चलने वाले लोग आए दिन घायल हो रहे हैं शिकायत के बाद भी नाली निर्माण तथा सड़क मरम्मत की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। आसपास के लोगों ने ईंट के टुकड़े डालकर गड्ढे को भरने का काम किया। मगर पानी के चलते सड़क पुनः गड्ढे में तब्दील हो गई। इसके अलावा पास में कूड़ा करकट व गंदगी का अंबार लगे रहने से उठते दुर्गंध व सड़न से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। वहीं जीविकोपार्जन के लिए आसपास में खुली दुकानों के दुकानदारों का रोजगार चौपट हो रहा है।
राकेश कुमार मौर्य
कहते हैं कि कीचड़ और गंदगी के चलते आने जाने वाले राहगीरों को बहुत परेशानी होती है तथा काफी मुश्किलों का सामना करके आना पड़ता है। जिसके चलते कई बार आने जाने वाले राहगीर गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
मिठाई के दुकानदार सुजीत कुमार
कहते हैं कि किचड़ और गंदगी के चलते कोई दुकान पर आना नहीं चाहता है जिससे रोजगार चौपट हो रहा है। आगे यही स्थिति रही तो उनका पूरा परिवार खाने को मोहताज हो जाएगा।
जोगिंदर विश्वकर्मा
कहते हैं कि गंदगी के चलते आसपास के कई लोग कई तरह की बीमारियों से ग्रसित हो चुके हैं। अगर सड़क निर्माण कर पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो आगे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
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