मरीजों को पीड़ा सुनने वालों की कब सुनी जायेगी पीड़ा
चंदौली । लोक मीडिया । मरीजों की पीड़ा सुनने वाले 102.108 एबुलेंस कर्मचारी 24 घंटे सेवा के लिए तात्पर्य रहते हैं । किसी भी प्रकार के मरीज दुर्घटना हो प्रसव की महिलाएं हो जिला हास्पिटल पहुचा कर इलाज करवाते है उनकी पीड़ा को अपनी पीड़ा समझने वालो को उनकी पीड़ा कब सुनी जायेगी । अपनी मांग की आस लगाये 24 घंटे कार्य करते हुए दिन रात सेवा में लगे हैं । वही कर्मचारियों ने मांगे कि है जिसमें सभी कर्मचारियो का लेबर कोर्ट के अनुसार वेतनमान लागू किया जाए,सभी कर्मचारियो का वेतन समय से 1 से 10 तारीख तक हर हाल में दे दिया जाए, सभी कर्मचारियो पी एफ का पैसा समय से जमा किया जाए, सभी कर्मचारियो का ESI कार्ड तत्काल बनवाया जाए, 12 घंटे की ड्यूटी में 4घंटे का वोबर टाइम का भुगतान किया जाए, सभी कर्मचारियो को ग्रैजुएटी का लाभ समय समय पर दिया जाए, सभी कर्मचारियो को उनके गृह स्थान से 50 से 100 किमी में ड्यूटी दिया जाए, सभी कर्मचारियो को दुर्घटना बीमा दिया जाए, सभी ऐमंबुलेस मे कर्मचारियो की संख्या पूरी होनी चाहिए, ऐमंबुलेस मे आक्सीजन और पंचर का रूपया नगद दिया जाए, किसी कर्मचारियो को किसी विशेष गलती के बिना निकाला न जाए। प्रदेश यूनियन से समस्याओं से अवगत कराया गया । कर्मचारियों ने कहा है कि बार बार प्रदर्शन करने के लिए EMT,PILOT बाध्य नही होगे। इसका जिम्मेदार प्रदेश यूनियन होगा ।

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