सतेंद्र कुमार (संवाददता)
शहाबगंज| जहां सम्पूर्ण विश्व कोरोना COVID-19 महामारी से डरा और सहमा हुआ है इस वायरस के खौफ के चलते लोग घरों में कैद हो गए हैं। कार्यालयों में अवकाश घोषित होने के बाद कोई घर में टीवी देख कर समय काट रहा है,तो कोई बच्चों के साथ कैरम बोर्ड खेल रहा है। संकट की इस घड़ी में भोड़सर(शहाबगंज) निवासी एक महिला ने जन सेवा का एेसा बीणा उठाया है ओर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने को पूरे परिवार सहित अपना हांथ बढ़ाया है।
माँ सरस्वती महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह भोड़सर की महिलाओं के सहयोग से मास्क बनाने का कर रही हैं काम।
जिसे सुन कर आप भी महिला एवं उसके परिवार के जज्बे को सलाम करेंगे।
विकास खण्ड शहाबगंज के बड़े गांवो में अपना स्थान रखने वाले भोड़सर(चन्दौली) निवासी आरती सिंह लोगो को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए रात दिन मास्क सिल रही हैं।और इस काम में उन्होंनें सैकडो़ ग्रामीण महिलाओं को देश और मानवता पर आए इस संकट के समय जोडा़ है।और लोगों को इस महामारी से बचाने के लिए रात दिन युद्ध स्तर पर मास्क बनाने का काम चल रहा है। हस्त निर्मित मास्क को स्वयंसेवी संगठन मातृभूमि सेवा ट्रस्ट द्वारा गरीबों को मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है। आरती मौर्य का कहना है कि उनके मन में विचार आया कि घर में टाइम पास करने से अच्छा है कि कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में लोगों के लिए कुछ किया जाए। एेसे में उन्होंने गरीबों के लिए मास्क बनाने की सोची और गरीबों के लिए काम करने वाली संस्था स्वयंसेवी संगठन मातृभूमि सेवा ट्रस्ट से संम्पर्क किया और बाजार से कपड़ा मँगाकर मास्क बनाने में जुट गई। आरती और उनकी टीम ने रात दिन मेहनत कर अब तक लगभग बारह हजार की संख्या में मास्क सिल चुकी हैं।
मूलत:भोड़सर(शहाबगंज-चन्दौली)निवासी आरती मौर्य का कहना है कि मैंने गरीबों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए मास्क बनाकर मुफ्त में बांटने का निर्णय लिया है। उनके द्वारा कोरोना से लड़ने के लिए शुरू की गई इस पहल का पूरा परिवार समर्थन कर रहा है। संकट की इस घड़ी में घर में कैद रहने से अच्छा है कि आगे बढ़कर प्रशासन और जनता की मदद की जाए और उन्होंने हर व्यक्तियों से अपील किया कि आगे आकर हाथ बढ़ाएं तभी कोरोना जैसी महामारी को हराया जा सकता है।


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