उमाशंकर मौर्य (संवाददाता)
चन्दौली/चकिया । सैदूपुर।केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा भले ही नौनिहाल बच्चों को सरकारी विद्यालयों में कान्वेंट की तर्ज पर शिक्षा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करते हुए निशुल्क ड्रेस वितरण किताबें निशुल्क शिक्षा देने मिल डे मिल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को चला रही हैं लेकिन सरकार के लाख फरमान तथा प्रयासों के बाद भी अध्यापकों कि लेट लतीफ तथा लापरवाही से सरकार के फरमान को बट्टा लगता नजर आ रहा है तथा सरकार के कॉन्वेंट का दर्जा परीक्षा देने का फरमान टूटता नजर आ रहा है तथा प्राथमिक विद्यालयों में आज भी शिक्षकों की लापरवाही कायम है मामला सरैया प्राथमिक विद्यालय का है
-परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। स्कूलों में तैनात शिक्षक विद्यालय अवधि में उपस्थिति पंजिका बिना कुछ लिखे आए दिन गायब हो जाते हैं। विद्यालय में कम छात्र उपस्थित होने के बाद भी शिक्षक द्वारा एमडीएम के रजिस्टर पर पूरे बच्चों को उपस्थित दर्शायी जाती है। बिना कोई प्रार्थना पत्र के प्रधानाचार्य गायब रहते हैं। उनकी मदद करने के लिए अन्य शिक्षक ड्यूटी रजिस्टर पर प्रतिकर अवकाश दर्ज कर देते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को सरैया प्राथमिक विद्यालय पर दिखा । विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार सिंह स्कूल से गायब मिले। सहायक अध्यापक संतोष गुप्ता, रजनीश सिंह व शिक्षामित्र सरोज, शिला,ड्यूटी में तैनात रहे । स्कूल में 170 के सापेक्ष मात्र 25 छात्र उपस्थित थे। पूछने पर शिक्षकों ने बताया कि प्रधानाध्यापक 2 दिनों से नहीं आ रहे हैं। रजिस्टर मांगने पर शिक्षकों ने मदद करते हुए प्रति कर अवकाश दर्ज कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी पीसी यादव ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चन्दौली/चकिया । सैदूपुर।केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा भले ही नौनिहाल बच्चों को सरकारी विद्यालयों में कान्वेंट की तर्ज पर शिक्षा देने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करते हुए निशुल्क ड्रेस वितरण किताबें निशुल्क शिक्षा देने मिल डे मिल जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को चला रही हैं लेकिन सरकार के लाख फरमान तथा प्रयासों के बाद भी अध्यापकों कि लेट लतीफ तथा लापरवाही से सरकार के फरमान को बट्टा लगता नजर आ रहा है तथा सरकार के कॉन्वेंट का दर्जा परीक्षा देने का फरमान टूटता नजर आ रहा है तथा प्राथमिक विद्यालयों में आज भी शिक्षकों की लापरवाही कायम है मामला सरैया प्राथमिक विद्यालय का है
-परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। स्कूलों में तैनात शिक्षक विद्यालय अवधि में उपस्थिति पंजिका बिना कुछ लिखे आए दिन गायब हो जाते हैं। विद्यालय में कम छात्र उपस्थित होने के बाद भी शिक्षक द्वारा एमडीएम के रजिस्टर पर पूरे बच्चों को उपस्थित दर्शायी जाती है। बिना कोई प्रार्थना पत्र के प्रधानाचार्य गायब रहते हैं। उनकी मदद करने के लिए अन्य शिक्षक ड्यूटी रजिस्टर पर प्रतिकर अवकाश दर्ज कर देते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को सरैया प्राथमिक विद्यालय पर दिखा । विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमित कुमार सिंह स्कूल से गायब मिले। सहायक अध्यापक संतोष गुप्ता, रजनीश सिंह व शिक्षामित्र सरोज, शिला,ड्यूटी में तैनात रहे । स्कूल में 170 के सापेक्ष मात्र 25 छात्र उपस्थित थे। पूछने पर शिक्षकों ने बताया कि प्रधानाध्यापक 2 दिनों से नहीं आ रहे हैं। रजिस्टर मांगने पर शिक्षकों ने मदद करते हुए प्रति कर अवकाश दर्ज कर दिया। खंड शिक्षा अधिकारी पीसी यादव ने कहा कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


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